बाबा रामदेव खरीद रहे सॉफ्टवेयर कंपनी रोल्टा इंडिया

बाबा रामदेव को कौन नहीं जानता है? योग गुरु, सन्यासी बाबा जो पतंजलि योगपीठ के संस्थापक हैं। इन्होंने अपने सहयोगी बालकृष्ण के साथ मिलकर पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की स्थापना की। बाबा रामदेव का नाम योग गुरु के साथ ही सफल भारतीय उद्योगपतियों के रुप में भी है। बाबा रामदेव कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का कारोबार वर्ष 2016-17 मे 10,217 करोड़ रुपये था। बाबा रामदेव कि पतंजलि ने 2020 में रुचि सोया को अधिग्रहित किया था। 

बाबा रामदेव ने वर्ष 2014 में राजनीतिक पार्टी कि स्थापना कि भी घोषणा कि थी, लेकिन पार्टी नहीं बनाई। भारतीय मीडिया जगत की माने तो बाबा रामदेव भारतीय जनता पार्टी के प्रबल समर्थक रहे हैं। वर्ष 2006 में पतंजलि आयुर्वेद कि स्थापना भारत के उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में की। पतंजलि आयुर्वेद कि स्थापना आयुर्वेदिक दवा के विक्रय के लिए की गई। समय के साथ आयुर्वेदिक दवाई के अतिरिक्त खाद्य उत्पादों के साथ ही कांतिवर्धक उत्पादों का निर्माण करने लगी। वर्तमान में कंपनी परंपरागत (दुकान द्वारा) विक्रय के साथ ही ऑनलाइन होम डिलिवरी सेवायें भी दे रही है। 

वर्तमान समय बाबा रामदेव आयुर्वेद और खाद्य उत्पाद के बाद आईटी सेक्टर में कदम रखने के लिए उत्सुक दिख रहे हैं। हालाँकि रुचि सोया कि खरीद के बाद उनके विरोधियों ने उनपर कई आरोप भी लगाए। बाबा रामदेव पर आरोप लगाने वालों के आरोप इस कारण काफी कमजोर हो जाते हैं, क्योंकि वो इस बात का भी समर्थन करते हैं कि बाबा रामदेव सन्यासी है तो वो कारोबार क्यों कर रहे हैं? बाबा रामदेव कि पतंजलि आयुर्वेद अपने कारोबार में विस्तार के इरादे से में वर्तमान में दिवालिया प्रणाली से गुजर रही रोल्टा इंडिया को खरीदने के प्रयास में है। इसको लेकर पतंजलि आयुर्वेद का एक पेनल नैशनल कंपनी लाॅ ट्रिब्यूनल से बात करेगा। 

रोल्टा इंडिया का परिचय - 


रोल्टा इंडिया एक भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है, इसका मुख्यालय मुंबई, भारत में है। पुणे कि मूल यह मूल कंपनी पूरे भारत के साथ यूरोप समेत दुनिया के 40 देशों में कार्य कर रही है। इस कंपनी के भारत के कई शहरों में कार्यालय है। भारतीय उद्योगपति कमल सिंह द्वारा 27 जून, 1989 को कंपनी को निगमित (बाजार में आईपीओ लाकर) किया गया। इस कंपनी के शेयर भारतीय प्रतिभूति बाजार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध है। यह बीएसई और एनएसई के विभिन्न सूचकांकों का भी हिस्सा है। भारत के प्रतिभूति बाजार के अतरिक्त इसके ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (जीडीआर) लंदन स्टॉक एक्सचेंज में भी सूचीबद्ध है। 

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कंपनियों को रैंकिंग प्रदान करने वाली प्रतिष्ठित पत्रिका 'ग्लोबल फोर्ब्स' इसे 6 वर्ष में 4 बार '"सर्वश्रेष्ठ 200 कंपनी, जिनकी पूंजी 1 अरब से कम है" में शामिल कर चुकी हैं। अमेरिकी वित्तीय सेवा कंपनी स्टैंडर्ड एंड पुअर द्वारा इसे एस&पी ग्लोबल चैलेंजर्स लिस्ट में शामिल किया जा चुका है। 

रोल्टा इंडिया के कार्य, क्या करती है रोल्टा इंडिया -


रोल्टा इंडिया लिमिटेड एक सोफ्टवेयर कम्पनी है, जो आईटी क्षेत्र में कार्य करती है। यह मुख्य तौर से आईटी, डेटा एनालिसिस, बिजनेस इंटेलिजंसी, भौगोलिक डाटा और सूचना, विनिर्माण और इंजीनियरिंग संबंधित कार्य करती हैं। यह विस्तृत इंजीनियरिंग और डिजायन संबन्धित सेवायें प्रदान करती है। इंजीनियरिंग के तहत प्रोसेस, इंस्ट्रूमेंटेशन और नियंत्रण, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, प्लांट डिजाइन सिविल और समुद्री इंजीनियरिंग के कार्य करती है। भारत में यह रक्षा केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में अपना योगदान देती रही है। 

रोल्टा इंडिया लिमिटेड भारत सरकार और विभिन्न राज्यों कि सरकारों को उपयोगिता सेवायें, तेल और गैस, बिजली, वित्तीय सेवा, खुदरा, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा और नवीन आईटी सेवाओं के लिए आने वाली समस्याओं का समाधान प्रदान करने के लिए सेवायें प्रदान करती है। यह रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए भी सेवायें प्रदान करती है। यह भारत के साथ दुनिया के विभिन्न देशों में अपनी सहायक कंपनियां कि सहायता से भू-स्थानिक, जीआईएस, रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, इंजीनियरिंग, डिजायन, उद्योग सूचना, संचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में व्यापक ज्ञान पर आधारित आईटी सेवायें प्रदान करती रही है। यह नवीन और स्थापित उद्योगों को व्यापार और प्रौद्योगिकी के उपलब्ध अवसरों कि पहचान करने और उससे लाभ प्राप्त करने के अवसरों संबंधित जानकारी प्रदान करती है।। 

रोल्टा इंडिया पर लग चुके हैं अनियमितता के आरोप - 


वर्ष 2011 में भारतीय सेना से किए गए 165 करोड़ के अनुबंध में अनियमितता के आरोप लग चुके हैं। भारतीय सेना को आपूर्ति किए गए 27 मोबाइल फोटोग्रामेट्री और जियोग्राफिकल इंफ्रोमेशन सिस्टम (जीआईएस), जो जासूसी 3-डी तस्वीरों के लिए उपयोग में लिए जाते हैं। इनकी गुणवत्ता निम्न पायी है, साथ ही सेना के अधिकारियों और कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत भी नजर आई। हालांकि रोल्टा ने अपनी सफाई में किसी भी प्रकार की अनियमितता होने से साफ इंकार कर दिया। 

क्यो बेची जा रही हैं रोल्टा इंडिया? 


रोल्टा इंडिया लिमिटेड पर भारी-भरकम कर्ज है। यह कंपनी पूरी तरह से कर्ज में डूबी हुई है।  यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 7100 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके अतिरिक्त सिटी ग्रुप का असुरक्षित विदेशी बॉन्ड धारकों का 6699 करोड़ रुपये का कर्ज है। कुल मिलाकर कंपनी पर 14000 करोड़ रुपये के लगभग कर्ज है। कंपनी पहली बार वर्ष 2016 में डिफॉल्टर हुई थी। वर्ष 2022 में कंपनी को लगभग 1000 करोड़ रुपए का घाटा हुआ, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू महज 38 करोड़ रुपये था। अब तक कंपनी तीन बार दिवालिया होने से बच चुकी है। अनंत वर्ष 2023 में यह दिवालिया घोषित हो गई। नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने जनवरी 2023 में दिवालिया होने के बाद आगे कि दिवालिया प्रक्रिया शुरु की। 

कौन-कौन खरीद में बोली लगा चुके हैं? 


नैशनल कंपनी लाॅ ट्रिब्यूनल द्वारा नियुक्त की गई लेनदार समिति को रोल्टा इंडिया के परिसमापन के लिए बोली लगाने कि अंतिम तिथि 30 नवम्बर, 2023 तक 9 बोलीदाताओ के आवेदन प्राप्त हुए। अधिकांश बोलीदाता ने 500-700 करोड़ के बीच बोली लगाई। अंतिम तिथि तक प्राप्त बोलीदाताओ में सबसे अधिक बोली अशदान प्रॉपर्टीज द्वारा 760 करोड़ रुपए लगाई गई। इसके अतिरिक्त सइफ्यूचर ने 730 करोड़ रुपये कि बोली भी शामिल थी। कंपनी के क्रय के लिए अन्य बोलीदाता सूची में रश्मि मेटालिक्स लिमिटेड, यूनाईटेड बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, रियल वैल्यू इंफोटेक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, स्क्वायर  फोर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड, क्वांट एफिशिएंट लिमिटेड और यश शेयर्स लिमिटेड आदि। 

फरवरी, 2024 में पतंजलि आयुर्वेद ने भी इस कंपनी को खरीदने के इरादों के साथ एनसीएलटी से संपर्क साधा है। अंग्रेजी अखबार 'इकनॉमिक टाइम्स' कि रिपोर्ट के अनुसार बोली प्रक्रिया के समाप्त होने के करीब दो महीने बाद किन्तु एनसीएलटी द्वारा परिसमापन कि प्रक्रिया या किसी को विक्रय करने  कि वोटिंग से पूर्व पतंजलि ने अपना प्रस्ताव 820-830 "करोड़ रुपये का रखा है।अब एनसीएलटी का पेनल रोल्टा इंडिया कि लेनदार समिति के साथ मिलकर कोई निर्णय लेगा। 

क्यो रोल्टा इंडिया को खरीद रहे हैं बाबा रामदेव - 


पतंजलि आयुर्वेद ने स्वदेशी उत्पाद के नाम से खूब नाम और धन कमाया। पतंजलि आयुर्वेद एफएमसीजी के उत्पाद कि लंबी शृंखला को ऑनलाइन इ-कॉमर्स पोर्टल पर बेच रही हैं। पतंजलि आयुर्वेद अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के लिए होम डिलिवरी एप्प को मज़बूत करने के लिए इस कंपनी का उपयोग करेगी। 

हालाँकि हो सकता है कि भविष्य में पतंजलि आईटी सेक्टर में भी हाथ आजमा सकती है। ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पतंजलि ने पहले व्हाट्सएप को प्रतिस्पर्धा देने के लिए किंभो एप्प बनाया। जो रहस्यमय तरीके से एक दिन बाद ही गूगल प्ले स्टोर से गायब हो गया था। पतंजलि के प्रवक्ता ने एप्प को हटाए जाने का कारण बताते हुए कहा कि एप्प का अब भी तकनीकी कार्य चल रहा है, एक दिन ट्रायल के तौर पर इसे अपलोड किया था जिसे तीन घंटे में 150000 लोगों ने डाउनलोड किया। 
हालांकि कई उपयोगकर्ताओं ने इसे बोलो एप्प का कॉपी बताया था साथ ही एप्प में सुरक्षा कि दृष्टि से कई कमियों को भी बताया था। ऐसे में पतंजलि भविष्य में रोल्टा इंडिया के माध्यम से अपनी आईटी सेक्टर कि महत्वाकांक्षाओ को पूरा कर सकती है। 

खरीदने में क्या है, बाधा? 


पतंजलि ने रोल्टा इंडिया को खरीदने का प्रस्ताव नैशनल कंपनी लाॅ ट्रिब्यूनल के सामने बोली प्रक्रिया के आवेदन कि तिथि समाप्त होने के दो महीने बाद लगाया है, जिसके कारण लेनदार समिति इस प्रस्ताव के लिए कानूनी राय ले रही है। हालांकि किसी प्रस्ताव पर अब तक वोटिंग नहीं हुई है, ऐसे में समिति यह कानूनी राय ले रही है कि पतंजलि का प्रस्ताव वेध है या नहीं। कानूनी राय लेने के बाद विक्रय कि सहमती दी जाएगी।

सौदे के बाद आ सकता है शेयर में उछाल -


वर्तमान में, रोल्टा इंडिया के शेयर काफी नीचे चल रहे हैं पिछले तीन साल के लिए अपने अधिकतम स्तर से लगभग 3 गुना नीचे है। 

बाबा रामदेव खरीद रहे सॉफ्टवेयर कंपनी रोल्टा इंडिया

भविष्य में अगर पतंजलि इस सौदे को कामयाबी से जीत जाती है तो रोल्टा के शेयर में भी रुचि सोया कि तरह निवेशकों को तेजी कि पूरी उम्मीद है। 

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