अब आईआईटी से करे बी. एड बनाए अपना सुनहरा कल। B. Ed from IIT

शिक्षक देश के कल को संवारने वाले शिल्पकार होते हैं। देश का कल कैसा होगा? यह शिक्षक और उनकी योग्यता पर निर्भर होता है। शिक्षक आज जलकर (मेहनत के ताप में तपकर) देश का कल संवारने के लिए अपना तन, मन लगाकर तपस्या करते हैं, जिसका परिणाम भविष्य में उनके शिष्य देते हैं। शिक्षक का योग्य होने के साथ एक सफ़ल मार्गदर्शक होना उतना ही आवश्यक है जितना एक फुटबाल टीम के कोच का।

अब आईआईटी से करे बी. एड बनाए अपना सुनहरा कल। B. Ed from IIT


एक योग्य शिक्षक ही देश के कल को संवारने में अहम योगदान देता है। शिक्षक में त्याग और समर्पण का भाव हो तो उनके शिष्यों में ये गुण अपने आप आएंगे उनकी शिक्षा और कृत्यों से। शिक्षक बनने के लिए जिस शिक्षा की आवश्यकता होती है वो औपचारिक है, लेकिन उसका आने वाले कल को संवारने के लिए योग्य और समर्पित होना निर्भर करता है, उसकी स्वयँ की शिक्षा पर। ऐसे में शिक्षक स्वयं का ऐसी जगह से शिक्षित होना आवश्यक है जो अपना सर्वोच्च देश के आने वाले कल के लिए समर्पित कर सके। इसके लिए आवश्यक है वो ऐसी जगह से शिक्षक बनने का प्रशिक्षण प्राप्त करे, जो उसको सर्वोच्च विद्यार्थियों को समर्पित करने के लिए प्रशिक्षण दे सके।


बी एड क्या होता है?


शिक्षा विषय के स्नातक कोर्स को B. Ed (Bachelor of Education) कहा जाता है। यह कोर्स उन विद्यार्थियों द्वारा किया जाता है, जिन्हें भविष्य में शिक्षक बनना है। शिक्षक बनने के लिए कई कोर्स होते हैं लेकिन विद्यालय (उच्च प्राथमिक से उच्च माध्यमिक वर्ग) का शिक्षक बनने के लिए शिक्षाशास्त्र में स्नातक की उपाधि को संक्षिप्त में बी एड नाम से संबोधित किया जाता है। 

विद्यालय शिक्षा प्रदान करने के लिए एक शिक्षक का प्रशिक्षित होना अनिवार्य है, क्योंकि एक प्रशिक्षित शिक्षक ही विद्यार्थियों को शिक्षण कराने से विधियों से पारंगत होता है, साथ ही आपने प्रशिक्षण के दौरान कुछ कौशल का निर्माण कर लेता है, जिनके माध्यम से अपने विद्यार्थियों को पेशेवर तरीके से शिक्षा प्रदान कर सके। ऐसे में आप कहे कि बी एड एक शिक्षा के क्षेत्र की पेशेवर डिग्री है तो कतई गलत नहीं हो सकता है। 

बी एड शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य कोर्स है, जो राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा पारिषद (NCTE) द्वारा मान्यता प्राप्त महाविद्यालय द्वारा करवाया जाता है। कला, विज्ञान और वाणिज्य वर्ग में किसी विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि हासिल करने के बाद 2 वर्ष की शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने के बाद यह उपाधि प्राप्त होती है। वर्तमान समय में एनसीटीई ने एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) शुरु किया है, जिसमें बी एड करने के इच्छुक विद्यार्थी 12 वीं के बाद प्रवेश लेकर 4 वर्ष में स्नातक (पहले तीन वर्ष) के साथ बी एड (अंतिम चौथे वर्ष मे) की उपाधि हासिल कर सकते हैं। एनसीटीई द्वारा दोनों प्रकार की बी एड को समान ही माना जाता है। 

आईआईटी करवा रहे हैं बी एड - 


देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक आईआईटी (इंडियन इंस्टीयूट ऑफ टेक्नोलॉजी) अब चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के जरिए स्नातक और बी एड दोनों एक साथ कराए जा रहे हैं। अब विज्ञान विषय के विद्यार्थी आईआईटी से बी. एससी के साथ बी एड भी कर सकते हैं। कई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने कला और वाणिज्य संकाय में स्नातक के बाद बी एड कराने के कोर्स भी शुरु कर दिये हैं तो कई आईआईटी फिलहाल विज्ञान विषय में हो आईटीईपी के जरिए से डिग्री दे रही है जो निकट भविष्य में कला और वाणिज्य संकाय में भी ऐसे कोर्स की शुरुआत करने के लिए प्रस्ताव ला रहीं हैं। 

आईआईटी भुवनेश्वर, खड़गपुर, अगरतला, कोझिकोड, पुडुचेरी और वांगरल सत्र 2023-24 से ITEP शुरू कर चुकी है। इस सत्र 2024-25 से आईआईटी जोधपुर भी इस कोर्स की शुरुआत करने जा रही है। यह एक डुअल कोर्स है, जिसमें चार वर्ष में दो स्नातक डिग्री दी जाती है। आईआईटी के अलावा प्रोद्योगिकी के प्रतिष्ठित संस्थान एनआईटी भी इस प्रकार का डुअल कोर्स करवा रही है। आप अगर विज्ञान विषय से नहीं है, तब भी आप आईआईटी से पढ़ने का सपना पूरा कर सकते हैं। 

आईआईटी से बी एड में प्रवेश के लिए योग्यता और प्रवेश - 

आईआईटी द्वारा डुअल डिग्री कोर्स की शुरुआत किए जाने के बाद से कई लोग आईआईटी से बी एड करने के लिए उतावले हो रहे हैं। जिन्हें आईआईटी से शिक्षा स्नातक करना है, उनके पास निम्न योग्यता होनी चाहिए। 
तथ्य  विवरण 
शैक्षणिक योग्यता  मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12 वीं या समकक्ष उत्तीर्ण या एपियरेंस 
प्रतिशत  50% या संस्थान के नियमानुसार 
आयु  कोई सीमा नहीं (कई संस्थान के अपने नियम) 
आरक्षण  संस्थान के नियमानुसार

आईआईटी में बी एड कोर्स प्रवेश के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जाता है। परीक्षा के उपरांत एनटीए द्वारा परीक्षार्थियों को स्कोरकार्ड जारी कर दिया जाता है। विभिन्न संस्थान जो एनटीए के स्कोरकार्ड से विद्यार्थियों को प्रवेश देते हैं, जिसमें आईआईटी भी सम्मिलित हैं। काउंसलिंग के माध्यम से जिसमें एनटीए द्वारा आयोजित की गई परीक्षा का का स्कोर, संकाय और मेडिकल जांच के माध्यम से अपनी मेरिट लिस्ट की घोषणा कर विद्यार्थियों को प्रवेश देती है। 

आईआईटी से बी एड करने के इच्छुक विद्यार्थियों को 12 वी के बाद आयोजित होनी वाली परीक्षा दिए बिना प्रवेश नहीं मिल सकता है ऐसे में उनका परीक्षा में सम्मिलित होना अति आवश्यक होता है। परीक्षा के उपरांत प्रवेश में परीक्षा के स्कोर का अहम योगदान है। काउंसलिंग का हिस्सा बनते समय संस्थान में संकाय और विषय की जांच अवश्य कर लीजिए। 

कैसे करे आईआईटी से बी एड करने के लिए आवेदन - 


आईआईटी से बी एड करने के पात्र उम्मीदवार को सर्वप्रथम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें ऑनलाइन फॉर्म भी भरना होगा और परीक्षार्थी को अपनी केटेगरी के अनुसार निर्धारित फीस का भी ऑनलाइन भुगतान करना होगा।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन के तीन चरण है, आपको सभी चरण पूरे करने अनिवार्य है। सभी चरण निम्न है - 

चरण  प्रक्रिया 
रजिस्ट्रेशन  नाम, माता पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल ID आदि सही जानकारी देना, जिसे ओटीपी द्वारा स्थापित किया जाना। 
आवेदन  इस भाग में व्यक्तिगत, शैक्षिक, परीक्षा केंद्र और कोर्स का चयन, अन्य जानकारी भरना और मांगे गए दस्तावेज को अपलोड करना है। 
फीस  यह अंतिम चरण है, जिसमें परीक्षार्थी को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा निर्धारित फीस का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। 

ध्यान दीजिये फॉर्म भरते समय 38 भाषाओं में से किन्ही उन दो भाषा का चयन करे, जो आपको आती हो क्योंकि आपको उन दो भाषाओ की परीक्षा देनी होगी। ऐसे ही कुल 26 विषय में से किन्ही 3 उन विषय का चयन करे जिनकी आपको जानकारी है या 12 वी कक्षा में आपने पढ़े हो। आपकी परीक्षा में 2 भाषा और 3 विषय के प्रश्न होंगे। वो भाषा और विषय वही होंगे जिनका आपने चुनाव किया है, आपने फॉर्म भरते समय। 

सभी चरण को पूर्ण करने के बाद फीस का भुगतान करना होता है, ऐसे में आपको बता दे की परीक्षा में आवेदन करने के लिए निम्न फीस है - 
केटेगरी  राशि (रुपये) 
General  1200/-
ओबीसी (NCL) & EWS 1000/-
SC/ST/PwBD/Third Gender  650/-

वर्ष 2024-25 में परीक्षा में भाग लेने के लिए कुछ महत्वपूर्ण तरीक ध्यान में रखे, जो परीक्षा की तिथि और आवेदन से जुड़ी हुई है। परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन और ऑनलाइन फीस के भुगतान की तिथि 15 मई, 2024 है। परीक्षा 12 जून, 2024 को देश के 178 परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी। 

प्रवेश परीक्षा और पाठ्यक्रम -


राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आईआईटी, एनआईटी, आईआरई और अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत करीब 64 शिक्षण संस्थान में प्रवेश देने के लिए परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इसी परीक्षा में विद्यार्थी द्वारा किया जाने वाला स्कोर प्रवेश का प्रमुख आधार होता है। वर्ष 2024-25 में बी एड में प्रवेश के लिए एनटीए द्वारा नोटीफिकेशन जारी करने के साथ ही परीक्षा के लिए आवेदन माँगना शुरु कर दिया है। इसके साथ ही प्रवेश परीक्षा की घोषणा कर दी है। 12 जून को देश भर में परीक्षा का आयोजन होगा। 
तथ्य  विवरण 
परीक्षा का तरीका  ऑनलाइन कंप्यूटर द्वारा 
टेस्ट  ऑनलाइन ऑब्जेक्टिव (बहुविकल्प प्रश्न) 
माध्यम  हिन्दी, अग्रेजी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड, मलयालम, मराठी, पंजाबी, उड़िया, तेलुगु, तमिल और उर्दू (13 भाषा) 
पाठ्यक्रम  भाषा - पढ़ने के माध्यम से भाषा का परीक्षण जिसमें समझ, साहित्यिक योग्यता और शब्दावली आदि।
मुख्य विषय- केवल कक्षा 12 के पाठ्यक्रम के अनुसार। 
सामान्य परीक्षण - सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, सामान्य मानसिक योग्यता, संख्यात्मक योग्यता, मात्रात्मक तर्क, तार्किक और विश्लेषणात्मक।
तर्क शिक्षण योग्यता - विज्ञान शिक्षण से संबंधित विषय, कला, गणित, प्रदर्शन कला, भाषाएँ, आदि।


राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा का प्रश्न पत्र चार हिस्सों में बांटा गया है, जो पाठ्यक्रम के चारो हिस्सों के अनुसार है, जिसका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार से है - 
भाग  विषय  प्रश्न (कितना कराना अनिवार्य) 
भाग - 1
भाषा 
38 भाषा में से किसी 2 भाषाओ का चयन 
Lang 1 & Lang 2
दोनों चयनित भाषा से 23-23 प्रश्न जिसमें से 20-20 अनिवार्य। 
भाग - 2
मुख्य विषय 
कुल 26 में से किन्ही 3 विषयो का चयन किया जाना  प्रत्येक विषय के 28 में से 25 प्रश्न किया जाना अनिवार्य। 
भाग - 3
समान्य परिक्षण 
यह सभी के लिए अनिवार्य भाग है  इस भाग में कुल 28 प्रश्न में से 25 प्रश्न का उत्तर देना अनिवार्य। 
भाग - 4
तर्क शिक्षण परीक्षण 
यह भाग भी सभी के लिए अनिवार्य भाग है।  इस भाग में कुल 23 प्रश्न होंगे जिसमें से 20 का उत्तर देना अनिवार्य।

कुल 181 प्रश्न में से 160 प्रश्न करना अनिवार्य है। परीक्षा का समय 3 घण्टे होगा जो अलग-अलग पारी में (दिन में दो पारी) हो सकती है। परीक्षा की सभी 38 भाषा और 26 विषयों को जानने के लिए वेबसाइट का रुख करे। यह सभी भाषा और विषय में से आपको चयनित करने होंगे। 

आईआईटी से शिक्षाशास्त्र में स्नातक (B. Ed) करने का फायदा - 


भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारत के नामी संस्थानों में से एक है। तकनीकी शिक्षा में इनका देश में सर्वश्रेष्ठ योगदान है। आईआईटी तकनीकी शिक्षा के अतिरिक्त प्रबंधन की शिक्षा भी देते रहे हैं। लेकिन इस समय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के दिशानिर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा पारिषद के मार्गदर्शन का पालन करते हुए बी एड का कोर्सेज शुरु करने के साथ स्नातक की शिक्षा भी दे रहे हैं। अब तकनीकी के साथ विज्ञान विषय की पढ़ाई शुरू कर चुके हैं, आने वाले समय में अन्य संकाय की शिक्षा भी दे सकते हैं। ऐसे में देश के उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थानों से बी एड करने के निम्नलिखित फायदा है - 
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा - तकनीकी शिक्षा में आईआईटी से बेहतर देश में कोई संस्थान नहीं। आईआईटी से पढ़ने वाले छात्र ना सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी करोड़ों रुपये प्रतिवर्ष के पैकेज पाते हैं। जब ऐसा प्रतिष्ठित संस्थान कोई नया कोर्स शुरु करने जा रहा है वो यह उन लोगों के लिए एक अवसर हो सकता है जो इसमे पढ़ने को लालायित है। 
  • गुणवत्तापूर्ण स्टाफ - किसी भी संस्थान की नींव होती है, उसका मानव संसाधन यानी स्टाफ। आईआईटी देशभर के साथ विदेशों से सर्वश्रेष्ठ स्टाफ का चयन व्याख्याता और विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में करती है। आईआईटी से बेहतर किसी संस्थान में ग्रेजुएशन प्रोग्राम के लिए स्टाफ उपलब्ध हो ऐसा विरले ही सम्भव है। इतने नामी प्रोफेसर से पढ़ने के बाद जिंदगी की दशा और दिशा सब बदल जाती है ऐसे में जो स्टाफ को देखकर प्रवेश लेते हैं, उन्हें आईआईटी को प्राथमिकता देना कोई बड़ी बात नहीं। 
  • इंटर्नशिप -किसी भी पेशेवर कोर्स की महत्ता उसकी इंटर्नशिप से हैं। बी एड में भी प्रशिक्षण के लिए इंटर्नशिप अनिवार्य है, ऐसे में आईआईटी के पास उचित और गुणवत्ता के शिक्षण संस्थान उपलब्ध है, इंटर्नशिप के लिए। एक विद्यार्थी शिक्षक में शिक्षण के सभी कौशल निर्मित करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देते हैं। 
  • रोजगार के अधिक अवसर - एक बेहतरीन और नामी शिक्षण संस्थान से डिग्री लेने का अर्थ होता है, रोजगार के अवसर की उपलब्धता। अगर आप शिक्षा के क्षेत्र की उपाधि ऐसे संस्थान से ले, जो तकनीकी शिक्षा में अपना नाम रखता हो तो वो बहु कौशल की शिक्षा प्रदान करेगा। आईआईटी से शिक्षा प्राप्ति (बी एड) के उपरांत विद्यार्थी एक शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के अतिरिक्त विद्यालय प्रबंधक, प्रशिक्षक और लेखन से भी जुड़ सकता है क्योंकि संस्थान से पास हुए पहले भी तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थी दुनिया भर में कई क्षेत्रों मे काम कर रहे हैं, जो संस्थान द्वारा दी जाने वाली बहु कौशल वाली शिक्षा के कारण संभव हैं। 
  • नियमित कक्षाएं - बी एड हो या स्नातक भारत में आधे कॉलेज तो विद्यार्थियों के लिए किसी परीक्षा एजेंसी की तरह कार्य कर रहे हैं। नियमित क्लास के नाम पर कुछ हो रहा है तो फीस वसूली, उसी का परिणाम है शिक्षको में कौशल का अभाव। अगर कोई किताबी शिक्षा से दूर हो वास्तविक शिक्षा ग्रहण करना चाहता है तो उसके लिए आईआईटी से बेहतर विकल्प नहीं हो सकता है। 

आज पूरे भारत में शिक्षा और नैतिकता दोनों में कमियां आ रहीं हैं। शिक्षित लोगों का प्रतिशत तो बढ़ रहा है किन्तु शिक्षित लोगों में नैतिकता गिर रही है। ऐसे दौर में भारतीय तकनीकी शिक्षा संस्थान खासतौर से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का सामने आना एक शुभ संकेत है। आने वाले समय में नैतिकता से लैस एक शिक्षको की टीम आने वाली है, जो शिक्षा और नैतिकता का उत्थान करेगी। गिरते शिक्षा के स्तर में नवाचार और बहु कौशल की शिक्षा भी ऐसे शिक्षको से ही सम्भव होगी।

जैसा की आपको पता ही है हाल ही में भारत सरकार नें नई शिक्षा नीति, 2020 बनाई है। इस नीति के तहत शिक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2030 के बाद देशभर में खाली पड़े या होने वाले शिक्षकों के पद पर इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम के तहत बी एड करने वाले विद्यार्थियों को ही शिक्षक नियुक्त किए जाने की सिफारिश की गई है। चार वर्षीय स्नातक +बी एड करने से स्नातक के बाद दो वर्षीय बी एड करने में लगने वाले 5 वर्ष के समय से एक वर्ष की बचत होती है। 

अन्य प्रश्न - 


प्रश्न - B. Ed का full form क्या है? 

उत्तर - B. Ed का full form Bachelor of Education हैं।

प्रश्न - आईआईटी से B. Ed करने के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन कौन करता है? 

उत्तर - आईआईटी से B. Ed करने के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा किया जाता है। 

प्रश्न -  आईआईटी से कौन B. Ed कर सकता है? 

उत्तर - आईआईटी से 12 वीं पास विद्यार्थी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा कराई जाने वाली परीक्षा में सफ़ल हो संस्थान की मेरिट में जगह बना ले, वो ही बी एड  कर सकते हैं। 

प्रश्न - आईआईटी से B. Ed करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किस साइट पर करे? 

उत्तर - आईआईटी से बी एड करने के लिए ऑनलाइन आवेदन इस https://ncet.samarth.ac.in/ लिंक खोले पर करे। 

प्रश्न - क्या आईआईटी से हिंदी माध्यम के विद्यार्थी B. Ed कर सकते हैं? 

उत्तर - हाँ, आईआईटी में बी एड के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन करने वाला एनटीए 13 भाषा में परीक्षा का आयोजन करता है, ऐसे में आप 13 माध्यम से देशभर में आईआईटी, एनआईटी और आरआईई से बी एड कर सकते हैं। 

प्रश्न - आईआईटी से B. Ed कितने साल में की जा सकती हैं? 

उत्तर - आईआईटी इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम में स्नातक और बी एड की डुअल डिग्री चार साल में देता है।

 

प्रश्न - चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम से B. Ed करने के क्या लाभ है? 

उत्तर - नई शिक्षा नीति के अनुसार वर्ष 2030 के बाद सरकारी विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए 4 वर्षीय बी एड कोर्स करने वालों को ही नियुक्ति देने की सिफारिश की गई है। 

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