सतोलिया खेल : शून्य खर्च वाला पारंपरिक मैदानी खेल। Satoliya Khel

खेल का नाम सुनते ही बच्चों में एक अलग ही प्रकार की ऊर्जा का संचार हो जाता है। बच्चे खेल का नाम सुनते ही खेलने को उत्सुक हो उठते है। खेल के प्रति झुकाव ना सिर्फ बच्चों बल्कि बड़ों में भी बहुत होता है। बड़े खेलने से अधिक देखने में मनोरंजन समझते हैं, इसलिए खेल के मैदानों में बच्चों को खेलते और बड़ों को खेल का लुप्त उठाते हुए अक्सर देखा जा सकता है। 

खेल मनोरंजन के अतिरिक्त स्वास्थ्य के लिए भी बहुत बेहतर और उपयोगी होते हैं, इसी कारण कई लोग नियमित रूप से से खेल खेलते हैं ताकि स्वस्थ रहे। ऐसे में हम बात कर रहे हैं एक ऐसे खेल की जो स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए बहुत उपयोगी है। इस खेल में खर्च के नाम पर आवश्यकता है, एक रबर बॉल की। अगर वो भी नहीं है तो कोई बात नहीं हम बता देते हैं, उसके बिना भी कैसे खेला जा सकता है, सतोलिया खेल। 

क्या होता है, सतोलिया? 


सटोलिया एक पारम्परिक मैदानी खेल है। दो दलों द्वारा खेले जाने वाले इस खेल का केंद्र होता है, सात पत्थर। एक दल जो बॉल फेंकता है वो बैटिंग और दूसरा जो बॉल को पकड़ता है क्षेत्ररक्षण दल कहलाता है। इस खेल में उपयोग लिए जाने वाले सात पत्थरों के कारण इसे सतोलिया कहा जाता है। बैटिंग दल द्वारा बॉल को हाथ से फेंककर पत्थर गिराने का काम किया जाता है तो क्षेत्ररक्षण दल बॉल को पकड़ने और बॉल फेंकने वाले दल (बैटिंग) के सदस्य को आउट करने का करने का भरपूर प्रयास करता है।

सतोलिया खेल में मैदान के बीचोबीच सात पत्थर एक के ऊपर एक जमाए हुए (ऊपर आप चित्र में देख सकते हैं) होते हैं, इन्हीं जमाए हुए पत्थर को सतोलिया कहा जाता है। बैटिंग टीम का सदस्य न्यूनतम 10.5 फीट की दूरी (बच्चों की उम्र के अनुसार घटाया बढ़ाया जा सकता है) से बॉल को फेंककर सतोलिया (जमाए हुए सात पत्थर) को गिराया जाता है। क्षेत्ररक्षण करने वाला दल बॉल को पकड़ता है। क्षेत्ररक्षण करने वाला दल बॉल पकड़कर बैटिंग टीम को आउट करने का प्रयास करता है और बैटिंग टीम खुद द्वारा गिराए गए पत्थर को वापस जमाकर (बिना आउट हुए) अंक अर्जित करने का प्रयास करता हैं। किसी टीम द्वारा सात अंक अर्जित कर लेने पर उसे विजयी घोषित कर दिया जाता है।

सतोलिया के लिए आवश्यक सामाग्री - 


कोई भी खेल खेलने के लिए कुछ साधनो की आवश्यकता होती है, ऐसे ही सतोलिया खेल के लिए भी निम्न साधनो की आवश्यकता होती है। 

  • पत्थर अथवा लकड़ी - सात पत्थर या लकड़ी की आवश्यकता होती है, जिन्हें एक के ऊपर एक जमाकर सतोलिया बनाया जाता है। 
  • बॉल - एक रबर /टेनिस बॉल की आवश्यकता होती है। इसी बॉल को फेंककर बैटिंग टीम द्वारा सतोलिया को गिराया जाता है। 
  • दो दल -  सतोलिया खेल को खेलने के लिए न्यूनतम दो दलों की आवश्यकता होती है। प्रत्येक दल में 4-4 (बढ़ाया और घटाया भी जा सकता है) सदस्य होते हैं। यहां ध्यान रखे दोनों दलों में समान संख्या में खिलाड़ी होने चाहिए। 
  • मैदान - सतोलिया खेल खेलने के लिए एक मैदान होना चाहिए। बॉल मैदान से बाहर जाने पर क्षेत्ररक्षण टीम पर जुर्माना लगता है और बैटिंग टीम को अंक दे दिया जाता है। 
सतोलिया एक कम संसाधन का सस्ता खेल है, जिसमें महज एक बॉल की आवश्यकता होती है, बाजार से खरीदने की। कई बार ग्रामीण इलाक़ों में बच्चों के पास बॉल नहीं होती है तो ऐसे में कपड़े की बॉल बना बिना किसी खर्च के खेल शुरु कर देते हैं। बच्चे खेतों में खेलने के लिए पत्थर तराशकर ले आते हैं और खेल शुरु कर देते हैं। खेतों में खेल और बैटिंग की बाउंड्री मिट्टी पर लकीर खिंचकर निर्धारित कर देते हैं। ऐसे में सतोलिया बेहद सस्ते खेलों में से एक खेल है। संसाधनो की आवश्यकता कम होने पर इसे कभी भी आसानी से मैदान या खेत में खेला जा सकता है। 

सतोलिया से सम्बन्धित शब्दावली -


सतोलिया खेल को बेहतर तरीके से जानने के लिए पहले कुछ महत्त्वपूर्ण शब्दों को जान लेना अति आवश्यक है। इन शब्दों को जान लेने से खेल के नियम और प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण शब्द जो निम्न हैं - 

  • सतोलिया - सात पत्थर जिन्हें एक के ऊपर एक जमाया जाता है, इसे सतोलिया कहते हैं। बैटिंग टीम द्वारा इसे गिराने के बाद ऑउट होने से बचते हुए पुनः जमा दिया जाता है, तब जमाने वाला सतोलिया शब्द बोलता है। इसके लिए बैटिंग टीम को एक अंक मिलता है। 
  • बैटिंग - एक दल जो बॉल को फेंककर सतोलिया को गिराता है, उस प्रक्रिया को बैटिंग कहा जाता है। बैटिंग करने वाली टीम को 'सीकर्स' भी कहा जाता है। 
  • बॉल - बैटिंग करने वाली टीम सतोलिया गिराने के लिए बॉल का इस्तेमाल करती है, इसी बॉल से हिट कर 'सीकर्स' को आउट किया जाता है। 
  • क्षेत्ररक्षण - एक टीम बैटिंग करती है और दूसरी बॉल को लपक कर (catch) या सीकर्स को हिट कर आउट करने का प्रयास करती है, उसे क्षेत्ररक्षण कहा जाता है। 
  • आउट - जब क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम बॉल को कैच कर दे या हिट कर दे तो सीकर्स आउट हो जाता है, हिट से टीम आउट हो जाती है। 
  • मारना (हिट) - जब क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम सीकर्स को सतोलिया जमाने से पहले हिट कर दे तो पूरी टीम आउट हो जाती हैं। 
  • मैदान - सतोलिया का एक निश्चित मैदान होता है, बॉल मैदान से बाहर चली जाए तो सीकर्स को एक अंक मिल जाता है। 

इसके अतिरिक्त बाउंड्री (सीमा रेखा), टप्पा (बॉल का गिरना) और बॉल पास करना आदि इत्यादि। 

सतोलिया खेल के नियम -


सभी खेल के निश्चित नियम होते हैं, ऐसे में सतोलिया खेल के भी नियम है, उनका पालन किया जाना चाहिए, जो निम्न है - 

  1. गेंद को निश्चित रेखा के बाहर से सीकर्स द्वारा फेंका जाएगा, अंदर से फेंकने पर बॉल नहीं मानी जाएगी।
  2. एक खिलाड़ी द्वारा लगातार तीन बार बॉल फेंकने पर सतोलिया फूटने या गिरने नहीं पर खिलाड़ी आउट माना जाएगा। अगला खिलाड़ी बॉल फेंकने आएगा। 
  3. सीकर्स द्वारा बॉल फेंकने पर एक टीप के बाद बिना सतोलिया फूटे या गिरे, क्षेत्ररक्षक द्वारा कैच कर लेने पर सीकर्स आउट माना जाएगा। 
  4. सीकर्स द्वारा बॉल फेंकने पर सतोलिया गिरने और एक टीप के बाद क्षेत्ररक्षक द्वारा कैच करने पर बॉल फेंकने की गिनती एक से शुरु हो जाएगी। उदाहरण के लिए अगर सीकर्स ने दो बॉल फेंकी जो सतोलिया नहीं गिरा सकीं, तीसरी से सतोलिया गिरने के साथ कैच हो गया तो अब उसकी तीनों बॉल निरस्त मान अगली बॉल पहली होगी। 
  5. सतोलिया के पास क्षेत्ररक्षण टीम का कीपर खड़ा होगा अन्य क्षेत्ररक्षक मैदान में कहीं भी खड़े हो सकते हैं और सीकर्स भी दूर खड़े होंगे, दूरी कम से कम 10.5 फुट होगी। 
  6. बॉल फेंकने से सतोलिया फूटने के बाद क्षेत्ररक्षक बॉल पकड़ कर सीकर्स (किसी एक) को सतोलिया जमाने से पहले हिट कर दे (घुटने से नीचे) तो पूरी टीम आउट मानी जाएगी। खड़े खिलाड़ी के घुटने के ऊपर किया हिट मान्य नहीं होगा। बैठे खिलाड़ी के हिट कंधे के नीचे तक मान्य होगा। ऐसा करने पर क्षेत्ररक्षक टीम को एक अंक मिलेगा। और दोनों टीम की पोजिशन बदल जाएगी। 
  7. सीकर्स द्वारा (किसी खिलाड़ी को आउट करने से पहले) सतोलिया को जमा सतोलिया बोलना होगा, अगर पुनः गिर गया तो मान्य नहीं होगा। जमा लेने पर सीकर्स को एक अंक मिलेगा। 
  8. क्षेत्ररक्षक टीम के खिलाड़ी बॉल हाथ में लेकर दौड़ नहीं सकते वो केवल बॉल एक दूसरे को पास कर सकते हैं जो दौड़कर पकड़ी जा सकती है।
  9. बॉल बाउंड्री से बाहर जाने पर सीकर्स को एक अंक मिल जाता है। 

इसे अधिक रौचक बनाने के लिए कुछ अतिरिक्त नियम भी बनाये जा सकते हैं, ताकि खेल अधिक रूचिकर हो, जो ये है - 
  1. सीकर्स अगर सतोलिया जमा दे तो तीन असफल प्रयास या कैच से आउट सीकर्स पुनः जिवित हो जाते हैं। 
  2. हिट से बचाव में अगर कोई सीकर्स मैदान से बाहर चला जाए तो उसे आउट करार देना चाहिए।
  3. अगर कोई सीकर्स तीन प्रयास के बाद भी सतोलिया जमाने में असफल रहे तो उसे आउट माना जाना चाहिए। 

बच्चों की उम्र के हिसाब से नियमो में थोड़ा बहुत परिवर्तन किया जा सकता है। लेकिन जो नियम परिवर्तित किए है वो दोनों टीम को खेल शुरु किये जाने से पहले बता देना चाहिए।

यहां ध्यान रखे बॉल के थ्रो (फेंकने से) करने से कितने भी पत्थर गिरे एक, दो तीन.. या सभी।. खेल शुरु हो जाता है। किसी निश्चित संख्या में पत्थर गिरना जरूरी नहीं है। 


सतोलिया खेल का मैदान - 


सतोलिया के खेल के मैदान का कोई निश्चित आकार नहीं होता है, लेकिन गोल मैदान इसके लिए उचित होता है। मैदान का व्यास 100 फीट तक हो तो मैच रौचक हो सकता है। मैदान के बीचों-बीच सतोलिया होना चाहिए ताकि खिलाडियों को बचाव और हिट का मौका मिल सके। मैदान में किसी तरह के अवरोध नहीं होने चाहिए। 

सतोलिया को खुले मैदान में खेलना बेहतर होता है। मैदान की बाउंड्री निश्चित करने के लिए दीवार की बजाय निशान या (चूने की लकीर) का उपयोग किया जाना चाहिए। सीकर्स के लिए बॉल फेंकने की रेखा भी निश्चित होनी चाहिए। बड़े मैदान में खिलाडियों को भागने दौड़ने, बचाव और हिट करने के साथ ही बॉल पकड़ने का बेहतर अनुभव मिलता है और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। 

सतोलिया खेल कैसे खेला जाता है?


सतोलिया दो टीम के बीच खेला जाने वाला खेल होने के कारण पहले टॉस से निश्चित किया जाता है की कौनसी टीम बैटिंग करेगी। बैटिंग निश्चित होने के बाद बैटिंग टीम का एक खिलाड़ी बॉल फेंकने की रेखा के बाहर से बॉल फेंकता है। अन्य सभी बैटिंग टीम के खिलाड़ी मैदान में सतोलिया से दूरी बनाकर खड़े रहते हैं। क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम का एक खिलाड़ी कीपर बनकर सतोलिया के पास (बॉल फेंकने वाले के विपरित दिशा में) खड़ा रहता है। अन्य क्षेत्ररक्षक मैदान में कहीं भी खड़े हो सकते हैं, सामन्यतः सीकर्स के पास इस तरीके से खड़े रहते हैं जिससे उन्हें आसानी से बॉल मिलने पर हिट कर सके। 

सीकर्स द्वारा बॉल फेंकने पर सतोलिया फूट जाने के बाद शुरु होता है असली खेल। क्षेत्ररक्षक बॉल पकड़ने को दौड़ते है और सीकर्स सतोलिया जमाने के लिए। बॉल पकड़ने के बाद क्षेत्ररक्षक, सीकर्स को हिट करने का प्रयास करते हैं। बचाव के लिए सीकर्स भागते हैं और मौका देखकर सतोलिया जमाने का प्रयास करते हैं। जब एक क्षेत्ररक्षक दूसरे क्षेत्ररक्षक को बॉल पास करता है तब बॉल गिर जाए और क्षेत्ररक्षक बॉल पर नजर जमा कान से सुनने का प्रयास करता है कि सतोलिया की आवाज तो नहीं आई। आवाज नहीं आने पर तेजी से बॉल उठा हिट का प्रयास करता है और सीकर्स बचाव का प्रयास करते हैं। यह बचाव और हिट का खेल तब तक चलता है जब तक सतोलिया जमा ना दिया जाए या कोई सीकर्स आउट या बॉल मैदान से बाहर ना चली जाए। 

आवश्यक प्रश्न - 


प्रश्न - सतोलिया का अर्थ क्या है? 

उत्तर - सतोलिया सात पत्थर से खेला जाने वाला एक खेल है। सात पत्थर को जमाने और बॉल से बिखेर वापस जमाने का एक खेल है। सात पत्थर के कारण इसे सतोलिया कहा जाता है। 

प्रश्न - सतोलिया खेल में एक दल में कितने खिलाड़ी होते हैं? 

उत्तर - सतोलिया में 4-4 खिलाड़ी वाली टीम पूर्ण टीम होती है। 

प्रश्न - सतोलिया खेल में कितने पत्थर होते हैं? 

उत्तर - सतोलिया खेल में सात पत्थर होते हैं। 

प्रश्न - सतोलिया के अन्य नाम क्या है?

उत्तर - सतोलिया के अन्य नाम डिकोरी, लांगोरी, लिंगोरा, लिंगोरच्या, पिट्ठू, येडू और डब्बा कली आदि अन्य नाम है। 

प्रश्न - सतोलिया खेल के लिए किन कौशल की आवश्यकता होती हैं? 

उत्तर - सतोलिया के खेल में बॉल फेंकना, बॉल को लपकना, भागते को निशाना बनाना और पत्थर को जमाने की कला का होना आवश्यक है। 

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