सनी देओल की जगह लेंगे क्रिकेटर युवराज सिंह

हिन्दी फ़िल्मों के जाने-माने फिल्म अभिनेता सनी देओल के राजनीतिक सफर का अंत होने जा रहा है है। सनी देओल वर्ष 2019 में पंजाब राज्य की गुरदासपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सिम्बल पर निम्न सदन (लोकसभा) के सदस्य चुने गए। तब उन्होंने वर्तमान में पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ (तब कांग्रेस पार्टी के सिम्बल पर चुनाव लड़े) को हराकर सदस्य चुने गए।

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए गुरदासपुर से एक ओवर में 6 छक्के मारने वाले सिक्सर बॉय युवराज सिंह को टिकट दे सकती है, ऐसे कयासों का बाजार गर्म है। युवराज सिंह की भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओ के साथ करीबी है, जिसके कारण उन्हें पार्टी में शामिल कर गुरदासपुर से टिकट दे सकती है, बीजेपी। 


सनी देओल को क्यो नही मिल रही है टिकट? 


फिल्म अभिनेता पिछले वर्ष (2023) में सनी देओल अपनी सुपर डुपर हिट फिल्म 'गदर - 2' के बाद एक इंटरव्यू में इस बात का ऐलान कर चुके थे कि अब वो सिर्फ अभिनय करेंगे, राजनीति छोड़ देंगे। इस दौरान उन्होंने अपने पिता के भी राजनीतिक सफर की बात की। उन्होंने कहा कि राजनीति मेरे परिवार को सूट नहीं करती है। पहले मेरे पिताजी (धर्मेंद्र देओल) राजनीति में थे उन्होंने राजनीति छोड़ दी। अब मैं राजनीति में हूँ और मैं भी राजनीति छोड़ रहा हूँ। अगर बीजेपी मुझे चुनाव लड़ने के लिए कहती है तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा।

उन्होंने इसी मुद्दे पर बात करते हुए यह भी कह दिया था कि मैं समझता था कि राजनीति में आने के बाद यह करने का मौका मिलेगा, वो करने का मौका मिलेगा। लेकिन राजनीति में आने के बाद पता चला कि राजनीति में रहते हुए जो काम मैं कर सकता हूँ वो मैं अभिनय करके भी कर सकता हूँ। देश की सेवा में अभिनय से भी कर सकता हूँ इसलिए मैं अभिनय को जारी रखना चाहूँगा राजनीति को नहीं।

युवराज सिंह को टिकट मिलने के क्या कारण?


गुरदासपुर लोकसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी पहले विनोद खन्ना को टिकट देती रही वो कई बार सांसद भी चुने गए। विनोद खन्ना तो टिकट दिए जाने के बाद से अधिकांश समय तक यह सीट भारतीय जनता पार्टी के कब्जे में रही हैं, पिछले कुछ परिणाम देखे तो 2019 में सनी देओल (बीजेपी) 85459 वोट से जीते। 1990 के बाद से एक उपचुनाव समेत आम चुनाव के परिणाम इस प्रकार रहे हैं।

चुनाव का वर्ष  बीजेपी उम्मीदवार  कांग्रेस उम्मीदवार  जीत  जीत का अन्तर 
2019 सनी देओल  सुनील जाखड़  बीजेपी  85459
2017 (उपचुनाव)  स्वर्ण सालरिया  सुनील जाखड़
कांग्रेस  193219
2014 विनोद खन्ना  प्रतापसिंह बाजवा  बीजेपी  136065
2009 विनोद खन्ना  प्रतापसिंह बाजवा  कांग्रेस  8342
2004 विनोद खन्ना  सुखबंस कौर बीजेपी  24983
1999 विनोद खन्ना  सुखबंस कौर
बीजेपी  1399
1998 विनोद खन्ना  सुखबंस कौर
बीजेपी  106833
1996 जगदीश सहवनी सुखबंस कौर
कांग्रेस  74547
1991 ओम प्रकाश  सुखबंस कौर
कांग्रेस  67997


बीजेपी के दबदबे वाली रही इस सीट पर बीजेपी हारी भी है लेकिन 2009  के जैसी छोटी हार भी झेल चुकी है, एक प्रसिद्ध चेहरे को मैदान में उतारने के बावजूद। हालांकि इस सीट पर जीते हुए प्रत्याशी को जब भी पुनः मैदान में उतारा तो उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। हालांकि इसके बावजूद बीजेपी एक चर्चित चेहरे के दम पर चुनाव जीत चुकी है, ऐसे में इस बार भी एक चर्चित और सेलेब्रिटी चेहरे के रुप में युवराज सिंह को उतारने जा रही हैं। 

युवराज सिंह क्यों जा रहे हैं, बीजेपी में 

बाजार में चर्चा है कि युवराज सिंह पंजाब प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संपर्क में एक युवा कैबिनेट मंत्री के जरिए से है। पूर्व के भी पंजाब विधानसभा चुनाव से पूर्व भी युवराज सिंह और हरभजन सिंह के बीजेपी में जाने की खबरे थी। उस समय हरभजन सिंह ने इसे गलत बताया था, लेकिन युवराज सिंह की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। अब बीजेपी पंजाब और हरियाणा चुनाव से पहले एक दमदार नेता के रूप में युवराज सिंह को अपने पाले में लाने को आतुर दिख रही है, ऐसे में युवराज सिंह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।  

पिछले दिनों युवराज सिंह के एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद से खबरे तेजी से आने लगी। हालांकि युवराज सिंह पहले भी बीजेपी नेताओ के साथ दिखते रहे हैं। यह कोई पहली बार नहीं है। पिछले दिनों युवराज सिंह को महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें नवाजा था, इस दौरान उनकी माताजी कार्यक्रम में शामिल हुई थी। युवराज सिंह ने इसे अपने ट्विटर पर शेयर किया था। 

चर्चे काफी समय से चल रहे थे लेकिन युवराज सिंह की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। इस वर्ष 14 फरवरी को युवराज सिंह ने अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर 2019 में हुए पुलवामा के हादसे का जिक्र करते हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद से ही राष्ट्रवादी मीडिया में युवराज सिंह के बीजेपी में शामिल होने के मानस बना लेने की खबरों ने जोर पकड़ लिया। मीडिया में खबरे तो यहां तक आने लगी की सनी देओल के राजनीतिक सन्यास के बाद गुरदासपुर से बीजेपी युवराज सिंह पर दांव खेल इसे बचाने के लिए पूरा प्रयास करेगी। 

हालांकि नवजोत सिंह सिद्धू के भी बीजेपी में जाने की चर्चा का बाजार गर्म है। राजनीति के जानकार बता रहे हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू और कांग्रेस पार्टी के नेताओ में में नहीं बन रही है, जिसके कारण वो कांग्रेस से किनारा कर सकते हैं। 


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