शहद के सेवन से होने वाले फायदे और नुकसान। Shahad ke Fayde

आजकल जीवन बहुत भागदौड़ भरा हो गया है। थकान, सरदर्द, कब्ज और पेट से संबंधित बीमारियां आम हो गई है। कामकाजी और अक्सर यात्रा पर रहने वाले घर से बाहर बाजार का खाना खाते हैं, जो उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव करने के साथ ही उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी विपरीत असर डालता है। खानपान से संबंधित होने वाली समस्या व्यक्ति के जीवन पर बुरा असर कर रही है।
शहद के सेवन से होने वाले फायदे और नुकसान। Shahad ke Fayde


आजकल ऐसी बीमारियों से लड़ने के लिए बाजार में विभिन्न प्रकार की दवाईयां उपलब्ध है। ऐसी दवा का अधिक उपयोग करने से उनके साइड इफेक्ट उबर आते हैं और जीवन पहले से भी जटिल हो जाता है। ऐसी सामान्य बीमारियो से लड़ने के लिए व्यक्ति का खानपान इस तरीके का होना चाहिए जो बीमारियों से लड़ने में सहायक हो और व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढावा से सके। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढावा देने के लिए प्राकृतिक उत्पाद में सर्वश्रेष्ठ है - शहद।

शहद के पोषक तत्व -


शहद के उपभोग से होने वाले लाभ से पूर्व उसमे पाए जाने वाले पोषक तत्वों का एक बार अध्ययन कर लिया जाए तो यह पुख्ता हो जाएगा की इसके उपभोग से वाकई लाभ प्राप्त हो सकता है। आइये एक नजर में देखते हैं, शहद के पोषक तत्वों को -

पोषक तत्व (प्रति 100 ग्राम)  मात्रा 
कार्बोहाइड्रेट  82.40 ग्राम 
प्रोटीन  0.3 ग्राम 
वसा  0 ग्राम 
पानी  17.10 ग्राम 
विटामिन - B6 और C 2% और 1%
कैल्शियम  1%
मैग्नीशियम  1%
आयरन  3%
फाॅस्फोरस 1%
पोटेशियम  1%
फोलेट 1%
जस्ता  2%
रेशा  0.02 ग्राम 
सोडियम  4 mg
राइबोफ्लेवीन (विटामिन B2)  0.038 mg
नायसिन (विटामिन B3)  0.121 mg 
पैंटोथेनिक अम्ल (विटामिन B5)  0.068 mg
शर्करा  82.12 ग्राम 

शहद में उपर्युक्त सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं। सभी पोषक तत्वों का मानव शरीर में महत्वपूर्ण स्थान है। इसमें विद्यमान सभी तत्व पोषण का उत्तम स्त्रोत है।

शहद खाने के फायदे -


पहले आपको शहद में पाए जाने वाले सभी पोषक तत्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान कर दी। शहद में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के कारण ही मनुष्य द्वारा शहद का उपभोग करने से उसे लाभ होता है। शहद के उपभोग से होने वाले कुछ लाभ निम्न है - 

  1. रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती - शहद में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। साथ ही कई एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी, नींबू या अदरक के साथ शहद लेने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढावा मिलता है। इसके अतिरिक्त आप चाहें तो बिना गर्म किया हुआ शहद किसी भी वक्त ले सकते हैं, इसमे विद्यमान गुण व्यक्ति की इम्यूनीटी को बढ़ाता है। 
  2. सूजन कम करना - शहद में पाया जाने वाला गुण एडिपोनेक्टिन स्तर को बढावा देता है, जिससे शरीर में आने वाली सूजन कम होती है। 
  3. टाइप 2 मधुमेह - शहद का सेवन करने से रक्त शर्करा में सुधार आता है, परिणामस्वरूप शहद के सेवन से मधुमेह के रोगियों को फायदा मिलता है।
  4. टॉक्सिन्स की निकासी - शहद में जिंक, फॉस्फोरस और पोटेशियम आदि पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं। इसके एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टीरियल होने के कारण शहद के सेवन से शरीर में मौजूद अपशिष्ट का निकास होता है। शहद के सेवन से अपशिष्ट का निकास होता है, यही कारण है कि खानपान सम्बन्धित समस्याओं की उत्पत्ति के बाद शहद के सेवन की सलाह दी जाती है। 
  5. कब्ज से राहत - शहद मेडिकल की भाषा में हल्का लेक्सेटीव होता है जो शरीर में मौजूद अपशिष्ट के साथ ही यकृत की सफाई भी करता है। गैस और कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए शाम के समय गुनगुने दूध के साथ 5 मिलीलीटर शहद का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। 
  6. मजबूत पाचनतंत्र - जब शहद में एंटी ऑक्सीडेंट गुण शरीर में मौजूद अपशिष्ट का निकास कर देते हैं तो पाचनतंत्र बेहतर काम करने लगता है। पाचनतंत्र को मज़बूत करने के लिए गुनगुने पानी में नींबू रस के साथ शहद को मिलाकर सेवन करना चाहिए। हो सके तो एक दो तुलसी के पत्तों का भी उपयोग कर सकते हैं।
  7. आँखों की रोशनी को बढावा - शहद गुणों की खान है, इसमे कई प्रकार के पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। शहद में विटामिन सी भी पाया जाता है, जो आँखों की रोशनी को तेज करता है। आँखों की रोशनी को बनाये रखने के लिए सदियों से आयुर्वेद में शहद के सेवन की सलाह दी जाती थी। 
  8. थकान और कमजोरी से राहत - शहद का सेवन करने से लाल रक्त कणिकाओ को बढावा मिलता है, जिससे शरीर में खून की कमी नहीं होती है। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में खून की कमी है अथवा किसी प्रकार की कोई कमजोरी है तो ऐसे में वह शहद का सेवन करे ताकि हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़े जिससे थकान और कमजोरियों की समस्याओं से निजात मिलती है और व्यक्ति खुद को तरोताजा महसूस करता हैं। 
  9. गले की खराश दूर करना - शहद में एंटी इनफ्लेमैंट्री गुण होते हैं, जो गले की खराश को ठीक करने में मदद करते हैं। गले में खराश होने पर पानी या नींबू के साथ शहद लेने से गला ठीक हो जाता है ह
  10. खांसी-जुकाम को दूर करना / श्वसन सम्बन्धित समस्या का निवारण - शहद में पाए जाने वाले एंटी बैक्टीरियल गुण संक्रमण को रोकते में मदद करते हैं जो गले की खराश के अतिरिक्त खांसी जुकाम को ठीक करने में मददगार होते हैं। शहद एंटी - ऑक्सीडेंट होने के कारण पेट के अतिरिक्त फेफड़ों की भी सफाई करता है जिसके कारण श्वसन सम्बन्धित शिकायते दूर हो जाती है। 
  11. अनिद्रा से राहत - किसी व्यक्ति को नींद नहीं आती है तो वह सोते समय गर्म दूध के साथ शहद का सेवन करे तो खांसी जुकाम से राहत मिलने के साथ शरीर में मौजूद अपशिष्ट का निकास होता है, जिससे अनिद्रा से राहत मिलती हैं। 
  12. वजन घटाना - शहद का सेवन मेटाबाॉलिज्म को बूस्ट करता है और भूख को नियंत्रित करने के साथ कोलेस्ट्राल को नियंत्रित भी नियंत्रित करता है। दूसरी ओर शहद पोषक तत्वों के साथ एनर्जी का भरपूर स्त्रोत होने के बावजूद इसमे वसा का नाममात्र भी नहीं होना व्यक्ति के वजन को घटाने में सहायता करता है। जिन्हें अपना वजन कम करना है वो उत्तम गुणवत्ता वाले शहद का सवेरे भूखे पेट सेवन करे तो शरीर में मौजूद अतिरिक्त पानी और अपशिष्टो को पसीने के साथ शरीर से बाहर निकाल मोटापे को कम करके वजन को घटाता है। 
  13. चेहरे की चमक - शहद में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट गुण से प्राकृतिक नमी को बढावा देते हैं। शरीर के अपशिष्ट समाप्त करता है, जिससे चेहरे और त्वचा पर होने वाली कील-मुहांसों में कमी आती है, जिससे त्वचा और चेहरे पर चमक आती है। इतना ही नहीं शहद के नियमित सेवन से बालों के निकलने में अवरोध उत्पन्न करने वाले तत्व भी समाप्त हो जाते हैं, जिसके कारण बाल घने, काले और मजबूत होते हैं।
  14. कोलेस्ट्रोल को घटाना - शहद का सेवन कोलेस्टरॉल को कम करता है, वसा की अनुपस्थिति के कारण। 
  15. हृदय को मज़बूत करना - शहद ब्लड प्रेशर और शर्करा को नियंत्रित करने में सहायक होता है, जिसके कारण इसके सेवन से हृदय के कार्य बेहतर होते हैं, परिणामस्वरुप हृदय मजबूत होता है। 

नियमित रूप से शहद का सेवन करने से व्यक्ति को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। शहद का सेवन सवेरे भूखे पेट गुनगुने पानी के साथ किया जाना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। सुबह गुनगुने पानी में नींबू का रस, तुलसी के पत्ते और अदरक का रस मिलाकर भी इसका सेवन किया जा सकता है। 

शहद के सेवन से नुकसान -


शहद का सेवन फायदेमंद है, लेकिन सभी के लिए नहीं। इसी के कारण आयुर्वेद के चिकित्सक सभी को शहद का सेवन करने की सलाह नहीं देते हैं। आयुर्वेद के चिकित्सक कोई भी सलाह देने से पूर्व व्यक्ति के बारे में कुछ अध्ययन करते हैं और साथ ही उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए सलाह देते हैं। ऐसे में वो कई ऐसे लोगों को बिल्कुल भी सलाह नहीं देते हैं, इनके लिए शहद का सेवन जानलेवा तक साबित हो सकता है। ऐसे में हम भी सभी को शहद के सेवन की सलाह नहीं देते हैं, खासतौर से ऐसे लोगों को जिन्हें यह नुकसान कर सकता है। शहद का सेवन निम्नलिखित परिस्थितियों में हानिकारक है, इसलिए ऐसी परिस्थितियों में शहद का सेवन ना करे - 

  1. पराग कणो से एलर्जी - जिनको पराग कणों से एलर्जी है, वो शहद का सेवन ना करे। क्योंकि शहद मधुमक्खियों द्वारा पराग कणों से बनाया जाता है। ऐसे व्यक्तियों द्वारा शहद का सेवन करने से समस्या बढ़ सकती है। जिन्हें पराग कणों से एलर्जी होती है वो जब फ़ूलों के बगीचों में जाते है तो खांसी आने लगती है और साँस फूलने लगती है, कभी-कभी शरीर में सूजन भी आ जाती है। पराग कणों की एलर्जी जिन्हें होती है उन्हें फसलों मे पुष्पीकरण के साथ वसंत में भी समस्या होती हैं। 
  2. अनियन्त्रित शुगर और ब्लड प्रेशर - जिन लोगों का शुगर नियंत्रित नहीं रहता है, घटता बढ़ता रहता है और जिनका ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं रहता ऐसे व्यक्ति चिकित्सक की सलाह के बिना शहद का सेवन ना करे क्योंकि शहद शुगर और ब्लड दोनों के प्रेशर को घटाने के लिए जिस तरह से कार्य करता है, वो आपके स्वास्थ्य के लिए भारी पड़ सकता है। ऐसे में ऐसी समस्या से जुझने वाले व्यक्ति शहद का सेवन शुरु करने से पूर्व एक बार आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह अवश्य ले। 
  3. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं - गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए शहद का सेवन पूरी तरह से वर्जित है। उनके द्वारा शहद का सेवन करने से नवजात के स्वास्थ्य के लिए ना सिर्फ घातक बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। 
  4. नवजात के लिए जानलेवा - एक वर्ष से कम आयु के शिशु के लिए शहद का सेवन वर्जित है। उन्हें दुध या सीधे ही शहद देना जानलेवा साबित हो सकता है। शहद में क्लोस्ट्रीडियम बैक्टीरिया पाया जाता है, जो बच्चों में बोटुलिज्म का कारण बन सकता है, जिससे बच्चों का पाचनतंत्र कमजोर होने के साथ ही मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। इसके अतिरिक्त मांसपेशियों का टोन समाप्त हो सकता है, जिससे शरीर में कमजोरी आ सकती है। 
  5. गर्म पानी के साथ - शहद का सेवन आयुर्वेद के अनुसार गर्म पानी के साथ वर्जित माना गया है। गर्म पानी या दूध में शहद एंटी-ओक्सीडेंट नहीं रहता है।  यह विपरीत भोजन हो जाता है जिससे 'फूड पोजिशनिंग' हो सकती है और खाज-खुजली भी हो सकती है। इस समस्या से बचने के लिए शहद का सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जाना चाहिए।

शहद स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है, इसका अर्थ यह नहीं की उसके कोई नुकसान नहीं है। शहद के सेवन के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं ऐसे में आप अगर शहद का सेवन शुरु करने जा रहे हैं तो एक बार आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह अवश्य ले। आप अगर बिना चिकित्सक की सलाह से शहद का सेवन कर रहे हैं तो एक बार यह अवश्य देखे की शहद का सेवन शुरु करने से आपके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव तो नहीं हुआ।

शहद को काजू बादाम और अन्य सूखे मेवे के साथ नहीं खाना चाहिए। शहद को रोटी या ब्रेड पर लगाकर घी तरह भी उपयोग में नहीं लेना चाहिये। शहद का उपयोग घी के समान मात्रा में नहीं करना चाहिए साथ ही इस बात का भी ध्यान रखे कि शहद का सेवन करने के तुरंत बाद घी और घी के सेवन के तुरंत बाद शहद का सेवन वर्जित है ऐसे में इसका ध्यान अवश्य रखे।

कैसे करे शहद का सेवन? 


शहद का सेवन करते समय इसके सेवन का सही तरीका उपयोग में लिया जाए तो जल्द सुधार करता है। अगर आप किसी गलत तरीके से शहद का सेवन करते है तो घातक हो सकता है, इसलिए निम्न तरीके से इसका सेवन करे - 

  • गुनगुने पानी के साथ - गुनगुने पानी में 5 ग्राम शहद को मिलाकर पी लीजिए। सुबह खाली पेट ऐसा करने से अधिक लाभ मिलते हैं। 
  • गुनगुने पानी में नींबू रस और शहद मिलाकर - ऐसा करने से वजन तेजी से घटता है।
  • अदरक के साथ - अदरक को पीस कर या अदरक के रस को निकाल कर उसके साथ शहद को मिलाकर सेवन करने से सूखी खांसी और कफ से राहत मिलती हैं।
  • दूध के साथ - हल्के गुनगुने दूध के साथ शहद मिलाकर पीने से हड्डियों को मजबूती मिलती है। साथ ही खांसी, साँस और अनिद्रा की समस्या से निजात मिलता है। 
  • तुलसी के पत्तों के साथ - तुलसी के पत्तों के साथ शहद को मिलाकर खाने से श्वसन सम्बन्धित समस्या के साथ खांसी और जुकाम से राहत मिलती है। वैसे ही तुलसी के पत्तों के साथ थोड़ा सा शहद बच्चों (3 साल से बड़े) को देने पर पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  • काली मिर्च या दालचीनी के साथ - शहद में थोड़ी सी (एक) काली मिर्च या 1 ग्राम दालचीनी मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है। 
अगर आपके पास कोई संसाधन नहीं है आप विद्यार्थी है या घर से दूर रहते हैं तो ऐसे में आप शहद में बिना कुछ मिलाए भी इसका सेवन कर सकते हैं, जो आपके लिए थोड़ा कठिन हो सकता है चिपचिपे स्वभाव का होने के कारण किन्तु इसके कोई नुकसान नहीं है। 

मधुमक्खियां के छत्ते और शहद कैसे बनाती है मधुमक्खियां जानने के लिए यह पढ़े - 


आवश्यक प्रश्न - 


प्रश्न - शहद जहर कब बन जाता है?

उत्तर - शहद को गर्म पानी या दूध के साथ लेने से जहर बन जाता है। साथ ही नवजात शिशुओं और गर्भ में पल रहे रहे शिशुओं के लिए शहद जहर ही होता है। 

प्रश्न - क्या शहद का सेवन पानी के साथ किया जा सकता है?

उत्तर - जी शहद को गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है। यहां ध्यान रखे पानी सिर्फ गुनगुना होना चाहिए, गर्म नहीं। 

प्रश्न - अदरक और शहद का सेवन करने से क्या होता है?

उत्तर - अदरक के साथ मिलाकर शहद का सेवन करने से व्यक्ति को सूखी खांसी और गले की खराश से राहत मिलती है। 

प्रश्न - लंबे समय से गले में खराश है, क्या करूँ?

उत्तर - अगर लंबे समय से सूखी खांसी और गले में खराश है तो आप नींबू, गुनगुने पानी के साथ या अदरक के साथ शहद का सेवन करे आपकी खांसी और खराश दोनों जड़ से समाप्त हो जायेंगे। 

प्रश्न - क्या शहद को पिंपल्स पर लगाया जा सकता है?

उत्तर - पहले घाव हो जाने पर वैद्यों द्वारा शहद का लेप किया जाता था क्योंकि यह एंटी बैक्टीरियल होने के साथ एंटी ऑक्सीडेंट भी है, ऐसे में इसका उपयोग घाव या पिंपल्स पर लगाने के साथ ही चेहरे की चमक के लिए भी किया जा सकता है। 

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