ट्राई कर रही दो बड़े बदलाव मोबाइल फ्रॉड होगा बंद। CNAP and 160

ट्राई कर रही दो बड़े बदलाव मोबाइल फ्रॉड होगा बंद। CNAP and 160

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (Telecom Regulatory Authority of India - TRAI भारतीय मोबाइल सेवा में दो बड़े बदलाव जल्द लाने वाली है। ट्राई का मानना है कि ये बदलाव भारतीय दूरसंचार क्रांति को बढावा देने के साथ ही फ्रॉड करने वालों के लिए किसी लाठी से कम नहीं होंगे। दोनों प्रकार के नियमो के लागू हो जाने के बाद फ्रॉड मुश्किल हो जाएगा।

ऑनलाइन के जमाने में ऑनलाइन ठगी के शिकार दिनोदिन बढ़ रहे हैं। हर दिन देशभर के साइबर थानों में ऑनलाइन ठगी के मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। कई बार रकम छोटी होने के कारण कई लोग मुक़दमा तक नहीं करते हैं। अब देशवासियों के लिए खुशखबरी है कि ट्राई मोबाइल नंबर से सम्बन्धित इस तरह के बदलाव लेकर आ रही है, जिससे हर कोई ठगों के जाल में नहीं फंस सकेगा।

क्या है बदलाव -


हाल ही में ट्राई द्वारा दो बदलाव किए जाने की सिफारिश कर दी गई है, इन बदलावों के लागू होते ही कई तरह के आर्थिक और सामाजिक फ्रॉड पर रोक लगना लाजिमी है। दोनों नियमो के लागू होने के बाद ना कोई कॉल करके गुमराह कर पाएगा और ना ही कोई ऐसी कॉल आपको मिलेगी जो आपका समय बर्बाद कर रही हो और साथ ही आपके साथ किसी प्रकार के आर्थिक धोखे की गुंजाईश को बढावा दे रही हो । इसके लिए ट्राई निम्न दो बदलाव लेकर आया है, जो फ्रॉड को रोकने में मील का पत्थर साबित होंगे। 

  1. कॉलर नेम प्रजेंटेशन (CNAP), 
  2. सर्विस कॉल की शुरुआत 160 से।

विस्तार से बताते है की इन दोनो बदलाव को अपना लेने के बाद क्या असर होगा टेलीकॉम इंडस्ट्री पर और मोबाइल उपभोक्ताओं को किस प्रकार से किसी प्रकार के फ्रॉड होने से रोका जा सकता है। तो सबसे पहले दोनों को विस्तार से जाने।

क्या है कॉलर नेम प्रजेंटेशन? CNAP kya hai?


हाल ही में भारतीय भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण द्वारा सभी टेलीकॉम देवा देने वाली कंपनियों को CNAP अनिवार्य करने के लिए कहा है। CNAP - caller name presentation (कॉलर नेम प्रजेंटेशन) है। इसके तहत टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी को अनिवार्य रूप से कॉल करने वाले व्यक्ति के नाम को बताना होगा। सेवा को लागू किए जाने के बाद जब भी किसी के पास कोई कॉल आएगी तो कॉल प्राप्तकर्ता को अपने मोबाइल की स्क्रीन पर कॉल करने वाले व्यक्ति के नंबर के साथ उसका नाम भी दिखेगा। ट्राई ने बताया है कि नाम और नंबर दिखाने के लिए अधिकतम 80 अक्षर तक स्क्रीन पर दिखाया जाएगा। 

ट्राई द्वारा जारी किये गये प्रेस नोट के आधार पर स्पष्ट है कि अब ट्राई के दिशानिर्देशों पर भारत सरकार मोबाइल बनाने वाली कंपनियां को आदेश करेगी कि वो इस प्रकार का मोबाइल बनाये जिसमें CNAP अनिवार्य हो। CNAP नाम प्रदर्शित करने के लिए कॉलर लाइन आईडेंटीफिकेशन (सीएलआई) का सहारा लेगी, जो सभी उपभोक्ता के केवाईसी के आधार पर डेटा प्रदर्शित करेगी। 

आपको लगता होगा की ट्रू कॉलर और कई अन्य एप्प भी इस प्रकार कि जानकारी देते हैं, तो नया क्या है? ऐसे में आप जान लीजिए कि ट्रू कॉलर और अन्य कई कंपनियां भी ऐसी जानकारी देती है, लेकिन वो सटीक नहीं होती है। नई सिम लेने की दशा में पुराने ग्राहक का नाम बताया जाता है तो कई बार गलत नाम इसलिए बताती है क्योंकि उपभोक्ता गलत प्रोफाइल बना देता है या कोई अन्य गलत नाम से नाम सेव करता है तो वहाँ से (भीड़ से डेटा एकत्रित) डेटा जुटा लेती है। लेकिन CNAP नाम का प्रदर्शन ग्राहक द्वारा सिम लेते समय ग्राहक द्वारा दिए गए डॉक्यूमेंट के आधार पर नाम स्टोर कर प्रदर्शित करेगी। यह एकदम सटीक होगा क्योंकि केवाईसी के आधार पर होगा। इसे आप ट्राई द्वारा किए गए ट्वीट और उसमे संलग्न नोट को देख सकते हैं। 

हालांकि यहां एक बात का ध्यान दे अगर कोई व्यक्तिगत सिम है तो उस व्यक्ति द्वारा केवाईसी में दिए गए डेटा के आधार पर नाम प्रदर्शित किया जाएगा। अगर किसी कंपनी या संगठन द्वारा 50 या अधिक सिम एक साथ खरीद उपयोग की जा रही है तो कंपनी या संगठन का नाम प्रदर्शित होगा। 

सर्विस और ट्रांजेक्शन कॉल के नंबर 160 से शुरु - 


अब सेवा सम्बन्धित जैसे बैंक, बीमा और अन्य सेवाओं को देने वाले संगठन 10 अंक वाले नंबर का उपयोग करते हैं कॉल करने के लिए। भविष्य में ऐसे संगठन 10 अंक वाले नंबर से कॉल नहीं कर सकेंगे। इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के लिए भारतीय टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट को पत्र लिख भविष्य में ऐसी सेवा के लिए कॉल करने के लिए नंबर की शुरुआत 160 से होनी चाहिए। कई कंपनियां को दस अंकों के नंबर का उपयोग कॉल करने के लिए करती है, जो बंद होने वाला है। 

साधारण 10 अंकों के नंबर से कई बार फ्रॉड करने वाले कॉल कर फ्रॉड को अंजाम देते हैं। दूसरी ओर, उपभोक्ताओं को आवश्यकता कॉल भी अटेंड करने होते हैं, इस चक्कर में कि कोई अर्जेंट कॉल तो नहीं। ऐसे में एक नई सीरीज से कॉल शुरु होने से भविष्य में ग्राहक को पहले ही पता चल जाएगा कि कॉल किसने की है। ऐसे में फ्रॉड को अंजाम देना मुश्किल होगा। 

आजकल कई लौह लॉटरी और अन्य कई प्रकार के ऑनलाइन ऑफर का प्रस्ताव दे कई बार व्यक्ति से व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर लेते हैं। ऐसे ही कई बार बैंक मे केवाईसी के लिए ओटीपी मांगने के फ्रॉड भी बढ़ रहे हैं। भविष्य में फ्रॉड को अंजाम देना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि ग्राहक पहले ही समझ जाएगा कि नंबर की शुरुआत 160 से नहीं हो रही है ऐसे में यह कॉल किसी सेवा के लिए नहीं हो सकती है, यह किसी का व्यक्तिगत नंबर है, जो फ्रॉड को भी अंजाम दे सकता है। 

कोई बार बार कॉल करके तंग करता है या कोई ऐसे प्रस्ताव देता है, जिससे आपको नुकसान होने की संभावना है तो इसके लिए ट्राई द्वारा पहले ही चक्षु शुरु किया हुआ है, आप वहाँ इसकी शिकायत कर उस नंबर को बंद करा सकते हैं। चक्षु पर शिकायत करने का तरीका जानने के लिए इसे पढ़े और जाने चक्षु पर शिकायत करने का तरीका। 

CNAP को पूर्णतया लागू करने के फायदे - 


CNAP यानी कॉलर नेम प्रजेंटेशन, जो जिस व्यक्ति को कॉल आई उसकी स्क्रीन पर कॉल करने वाले व्यक्ति के नाम को प्रदर्शित करता है, केवाईसी में दिए गए डॉक्यूमेंट के आधार पर, एकदम सटीक। इसे ट्राई के दिशानिर्देशों पर टेलीकॉम मंत्रालय द्वारा लागू किए जाने के बाद उपभोक्ता को निम्न लाभ प्राप्त होने है - 

  • उपयोगकर्ता की पहचान - उपयोगकर्ता जैसे ही किसी को कॉल करेगा तो कॉलर लाइन आइडेंटिटी में स्टोर डेटा जो केवाईसी से संग्रहित है से कॉल मिलने वाले को उपयोगकर्ता का नाम पता चल जाएगा। वो किसी प्रकार का बहाना नहीं कर सकेगा। अब तक कई बार कोई गलत नाम बता धमकी देते या पैसे मांगते वो अब समाप्त होने की कगार पर है। 
  • गलत नाम बताने पर शिकायत - अगर कोई उपयोग कर्ता गलत नाम बताता है, अपने किसी फायदे के लिए तो उसकी त्वरित शिकायत चक्षु पर आसानी से की जा सकती हैं। ऐसा इसलिए बता रहे हैं क्योंकि गलत नाम बताने वालों के इरादे भी गलत होते हैं। नाम आने पर सजगता से भी गलत नाम बताने का प्रशिक्षण भी समाप्त हो जाएगा। ऐसा लोग अक्सर मुसीबत में फंसा हुआ हूँ, पैसे दो के नाम पर इस्तेमाल करते हैं, जो अब समझो खत्म होने वाला है। 
  • दूसरे की सिम का उपयोग संभव नहीं - अब तक गलत काम करने वाले दूसरों की सिम को चुराकर या अन्य कोई भी तरीके से से हड़प कॉल करते। वो आगे नहीं चलने वाला है जैसे ही कोई किसी को कॉल करेगा तो जिसे कॉल प्राप्त होगी उसे तुरंत ही पता चल जाएगा कि सिम किसके नाम से है। कॉल करने वाले और नंबर का मिलान नहीं होने पर व्यक्ति को शक होगा, जिससे वो संभावित फ्रॉड की संभावना को भांप लेगा। 
  • पारदर्शिता - व्यक्ति द्वारा केवाईसी के लिए दिए गए डॉक्यूमेंट के आधार पर नाम प्रदर्शित होगा। आजकल केवाईसी के लिए आधार कार्ड आवश्यक होता है, ऐसे में पारदर्शिता बनी रहेगी कि कॉल किसने की है। ऐसी पारदर्शिता खासतौर से आर्थिक मामलों के लिए की जाने वाली कॉल में अधिक आवश्यक होती है। 
  • फ्रॉड को अंजाम नहीं - कॉल आने पर सही नाम प्रदर्शित होने से व्यक्ति को अंदाज हो जाएगा कि कॉल किसने किया है? कंपनी द्वारा आने वाली कॉल में अनिवार्य रूप से कंपनी का नाम होगा। ऐसे में भविष्य में ओटीपी लेकर या कोई एप्प को इंस्टाल कर मोबाइल हैक करके जो फ्रॉड को अंजाम दिया जाता था वो अब खत्म होने वाला है। 
  • ऑनलाइन पैसे मांगने से मुक्ति - ऑनलाइन पैसे मांगने का नया फ्रॉड चल पड़ा है। उसका एक्सीडेंट हो गया इलाज के लिए यहां पैसे डाले, उसके परिवार के लिए, फलाँ की शादी के लिए इत्यादि। भविष्य में किसी एप्प द्वारा ऐसी कोई हरकत की जाएगी तो पता चल जाएगा की सिम किसके नाम से है और कौन कॉल कर रहा है। इस तरह की हरकत करने वालों की अब खैर नहीं होगी क्योंकि लोगों को पता चल जाएगा वास्तव में पैसे किसके खाते में जाने वाले हैं। 
  • धमकी और दुरुपयोग संभव नहीं - अब तक लोग किसी के भी नाम की सिम चुराकर अपनी बना धमकी देते थे। अब ऐसा किया तो व्यक्ति द्वारा पुलिस या चक्षु को फर्जी नाम की जानकारी देने के साथ ही उस नंबर को बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में अब सिम को चुराकर या हड़प कर उपयोग करने का तरीका noted दिनों की बात हो जाएगा। 

CNAP कॉल प्राप्तकर्ता के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होने वाली है। उसके साथ होने वाले किसी सम्भावित फ्रॉड का उसे कॉल मिलते ही अनुमान हो जाएगा। इससे बचने के लिए वो भरपूर प्रयास करेगा ताकि फ्रॉड से बचा जा सके। 

160 से नंबर शुरु होने से उपभोक्ता को फायदे - 


अब सेवा देने वाली कंपनी की कॉल की शुरुआत 160 से होगी। यह नंबर एसटीडी कोड की तरह दिखेगा। 160 नंबर देखते ही उपभोक्ता को पहचान हो जाएगी की कॉल किसने की है। ऐसा करने से कॉल को प्राप्त करने वाले को निम्न लाभ होंगे - 

  1. पहले ही पता चल जाना - कॉल को अटेंड करने से पहले ही कॉल प्राप्त करने वाले को पता चल जाएगा की कॉल किसी बैंक बीमा या अन्य सेवा देने वाली कंपनी से आई है। ऐसे में वह जान जाएगा कि यह कॉल अर्जेंट है या नहीं। उसे बात करनी चाहिये या नहीं। उसे क्या बात करनी चाहिए इसका मन बनाने के साथ निर्णय भी कॉल को अटेंड करने से पूर्व कर लेगा। 
  2. दुरुपयोग नहीं - जब कंपनी द्वारा कॉल किए जाने का नंबर निश्चित है तो फ्रॉड के उदेश्य से अपने मोबाइल से कॉल करने वाले का पता चल जाएगा। अब कई लोग अपने व्यक्तिगत नंबर से कॉल करके केवाईसी, ऑफर जैसे लालच दे जो फ्रॉड करते हैं, वो अब नहीं हो पाएगा। इसके अतिरिक्त कंपनी की साख और कॉल अटेंड करने वालों की भावना का दुरूपयोग नहीं होगा। 
  3. व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले सोचना - अब 160 नंबर से पहले निश्चित किए जाने से व्यक्ति को यह पूरा अनुमान हो जाएगा कि उसे जो कॉल आई है वो सेवा प्रदाता ने की है, या किसी और ने। वह निश्चिंत रहेगा कि कॉल करने वाला फ्रॉड है या नहीं। इसी के आधार पर वह अपनी व्यक्तिगत जानकारी उसके साथ शेयर करेगा। अब तक कई लोग बैंक की जानकारी भी फ्रॉड कॉल के साथ शेयर कर अपना पूरा खाता साफ करवा चुके हैं। भविष्य में इस प्रकार के फ्रॉड होने की संभावना कम हो जाएगी पूर्णतः समाप्त हो ऐसा संभव होना शंका में है, क्योंकि यह सब शिक्षा और सजगता पर भी काफी हद तक निर्भर करता हैं। 
  4. उपभोक्ता द्वारा शिकायत - किसी गलत व्यक्ति द्वारा किसी सेवा प्रदाता का नाम लेकर कॉल करने वालों की शिकायत त्वरित कर ऐसे नंबर को ब्लॉक कराया जा सकता है। उनके ऐसे कदम से कई लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है। ऐसा करना उपभोक्ता की सजगता पर निर्भर है। चक्षु पर की जाने वाली शिकायत भी पूरी तरह से गोपनीय होती है। 

वर्तमान में अधिकांश ऑनलाइन फ्रॉड बैंक केवाईसी, क्रेडिट कार्ड जारी करना आदि के नाम से किए जाते हैं। आने वाले समय में सरकार द्वारा जब 160 नंबर अनिवार्य कर दिया जाएगा तो फ्रॉड भी शून्य हो जाएगा। हालांकि शून्य होने में थोड़ी शंका हो सकती है पर फ्रॉड को रोकने के लिए एक अच्छा उपाय है, जिसके सकारात्मक परिणाम निकट भविष्य में देखने को अवश्य मिलेंगे। 

कितना जरूरी है ऑनलाइन फ्रॉड को रोकना? 


ऑनलाइन फ्रॉड आज हर किसी के लिए सिरदर्द बन गया है। फ्रॉड का अंजाम देने वाले नित नए तरीके निकाल रहे हैं, फ्रॉड के लिए। हर कोई इससे परेशान भी है। किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर व्यक्ति सतर्क भी रहता है लेकिन इसके बाबजूद कोई बहाना बनाकर फ्रॉड को अंजाम देने वाले खाते में सेंध लगा देते हैं। कई लोगों के खाते साफ करने के साथ ही किसी एप्प से त्वरित ऋण ले उसे भी साफ कर देने के मामले देखने को मिले हैं। ऐसे में इसे रोकना अति आवश्यक है क्योंकि इसके निम्न कारण है - 

  • मोटी कमाई को हड़प से रोकना - कई बार व्यक्ति की मोटी कमाई फ्रॉड करने वालों के हत्थे चढ़ जाती है, उसके बाद केस करने पर भी वापस नहीं मिलती है। लोगों की कमाई को सुरक्षित करने के लिए ऑनलाइन फ्रॉड को रोकना जरूरी है ताकि लोगों को गाढ़ी कमाई का नुकसान ना हो। 
  • व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित करना - कई बार ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले व्यक्तिगत डेटा को चुराकर उसका दुरुपयोग करते हैं, उसे रोकने के लिए ऑनलाइन फ्रॉड रोकना अति आवश्यक है। 
  • भरोसा जगाना - ऑनलाइन फ्रॉड के चलते व्यक्ति का ऑनलाइन लेनदेन से भरोसा उठ रहा है, कई लोग ऑनलाइन लेनदेन करने से खुद का बचाव भी करते हैं। उन्हें लगता है कि ऑनलाइन लेनदेन सुरक्षित नहीं है. इसे अगर सुरक्षित किया जाए तो लोगों में अधिक भरोसा होगा और लेनदेन की पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
  • नुकसान से बचाना - फ्रॉड से जो नुकसान हो रहे हैं उससे बचाव के लिए इसे पूर्णतः बंद किया जाना आवश्यक है। ट्राई के दिशानिर्देशों पर सरकार इसे सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाती है तो ग्राहक को होने वाले आर्थिक नुकसान से राहत मिल सकती है। 
  • गलत लोगों को पैसे देने से रोकना -   कई बार गलत लोग इलाज चंदा और अन्य कई मुसीबतों का बहाना बनाकर लोगों से पैसे ले लेते हैं। अगर भविष्य में कोई ऐसी योजना बनाई जाए जिससे ऐसी चीजों पर रोक लगाई जा सके तो सरकार द्वारा आर्थिक नुकसान को रोकने के इरादे से उठाया गया सबसे बड़ा कदम साबित होने वाला होगा। 
वर्तमान समय में ऑनलाइन फ्रॉड का स्वरूप दिनोदिन बढ़ता जा रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार को उपयुक्त कदम उठाने होंगे। अगर सरकार कोई कदम उठाने में नाकाम रहती है तो ऑनलाइन लेनदेन समाप्त हो सकता है। दूसरी तरफ उपभोक्ता को कॉलर की सही जानकारी नहीं मिलने से जो अपराध बढ़ रहे हैं उसे रोकने के लिए कॉलर की सटीक जानकारी देना अति आवश्यक है। 

महत्वपूर्ण प्रश्न -


प्रश्न - CNAP का फुल फॉर्म क्या है?

उत्तर - CNAP का फुल फॉर्म caller name presentation है, भारतीय टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण द्वारा हाल ही में इसे अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रश्न - कॉल कर पैसे की मांग करने वालों की शिकायत कहां करे?

 उत्तर - कॉल करके जो लोग पैसे मांगते है, उनकी शिकायत चक्षु पोर्टल पर की जानी चाहिए, जिसका पूरा तरीका बताया हुआ है। इसे जानने के लिए थोड़ा ऊपर देखे। 

प्रश्न - 160 से कौनसे नंबर शुरु होते ही?

उत्तर - सेवा और ट्रांजेक्शन संबधित देवा देने वाले संगठनों और कंपनी के कॉल की शुरुआत 160 से होती है। 

प्रश्न - CNAP क्या सभी मोबाइल पर होगा?

उत्तर - CNAP अभी किसी मोबाइल में नहीं है। भारत सरकार और टेलीकॉम डिपार्टमेन्ट आने वाले समय में नए मोबाइल में इसे ऐक्टिव करने के लिए सभी मोबाइल कंपनी को हैंडसेट्स बनाती है, उन्हें निर्देश करेगी की आवश्यक रूप से सभी मे CNAP अनिवार्य रूप से हो। 

प्रश्न - ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए क्या करे?

उत्तर - ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए किसी के साथ व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी को शेयर ना करे। किसी के द्वारा बताई गई एप्प को डाउनलोड करने से बचे। 

प्रश्न - CNAP सही नाम कैसे बताएगा?

उत्तर - CNAP सही नाम बताने के लिए टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा कॉलर लाइन आइडेंटिफिकेशन से डेटा प्राप्त करेगी। यह डेटा मोबाइल सेवा प्रदाता अथवा सिम देने वाली कंपनी द्वारा सिम खरीदते समय केवाईसी के आधार पर संग्रहित होता है। उदाहरणार्थ अगर आप कोई सिम लेते हैं तो अपने डॉक्यूमेंट केवाईसी के लिये देते हैं, कंपनी इसी डॉक्यूमेंट के आधार पर आपका डेटा कॉलर लाइन आइडेंटिटी के लिए देगी और इसी से आपका नाम प्रदर्शित होगा जब आप किसी को कॉल करेंगे उस समय। 

प्रश्न - CNAP डेटा कहां से लाएगा?

उत्तर - CNAP कॉल करने वाले का नाम प्रदर्शित करने के लिए कॉलर लाइन आइडेंटिटी से डेटा लेगी जो कॉलर  द्वारा सिम खरीदते समय केवाईसी के उद्देश्य से दिया जाता है। 

प्रश्न - क्या स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम होने पर निजता भंग नहीं होती है?

उत्तर - स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम होने से निजता का भंग नहीं होगा क्योंकि कॉल करने वाला स्वयँ ही कॉल प्राप्त कर्ता को अपना नंबर देता है, कॉल प्रयोगकर्ता को उसका नाम जानने का पहले से ही अधिकार है। अपनी निजता बनाये रखने के लिए ऐसे व्यक्ति को कॉल करने से बचे जो आपके नंबर का दुरुपयोग कर सकता है। 

प्रश्न - कंपनी से कॉल आने पर कॉल करने वाले की बजाय कंपनी का नाम क्यों आता हैं?

उत्तर - जब किसी कंपनी द्वारा ब्लक में 50 या अधिक सिम खरीदी जाती है तो इसकी केवाईसी व्यक्तिगत होने की बजाय कंपनी के नाम से होती है जिसके कारण ऐसे नंबर से कॉल करने पर CNAP व्यक्ति के नाम की बजाय कंपनी के नाम को प्रदर्शित करता हैं। 

प्रश्न - फ्रॉड कॉल की शिकायत कहां करे?

उत्तर - फ्रॉड कॉल की शिकायत चक्षु websites पर करे। 

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